Friday 29 October 2010

मेरी नन्ही बिटिया







surya की पहली किरण सा मुस्कुरा कर उठना,

और माँ के दिल को छु जाना ,

अपनी नटखट अदाओ से सबको लुभाना ,

लेकिन किसी के पास न जाना ,

अम्मा अम्मा कहकर बुलाना

और परदे के पीछे छिप जाना,

छिपकर ता ..... करना ,

चुपके से पीछे आना और ............

काट जाना,

माँ के डांटने पर,

माँ के चिपकर मुस्कुराना

और अपनी भोली अदाओ से माँ को रिजाना,

नन्हे - नन्हे कदमो से माँ के आगे पीछे गुमना,

और ताली बजाकर राधे - राधे करना ...........

ऐसी हे मेरी नन्ही बिटिया ..........

3 comments:

  1. इस मुस्कान पर तो मन के अनगिनत फूल न्योछावर हैं!

    ReplyDelete