
मंगलमय मकर सक्रांति ,लोहरी , और पोंगल...............आप सभी के लिय बहुत सी खुशियों की सोगात लेकर आए ये प्यारे वह अनोखे त्यौहार इसी मंगलकामना के साथ आपको बहुत सारी बधाई ।
मकर सक्रांति के दिन सूर्य देवता दक्षिणायन से उतरायण में प्रवेश करते हें । इस दिन दान पुण्य का बहुत महत्व हें । इस दिन गुड वह तिल के दान का ज्यादा महत्व हें । वह भी गरीबो , और अनाथ को।
इस दिन सभी बहुत दान करते हें लकिन में आपको बताना चाहूंगी की एक दिन दान पुण्य से हमारे सारे पाप धुल जायंगे तो वो ग़लत सोच हें।
मै आपसे यही कहना चाहूंगी की इस दिन दान पुण्य जरुर करे लेकिन सबसे बड़ा दान वो हें की हम बिना फल की इच्छा से दान दे।
इस दिन तो हमें बहुत सा पुण्य मिलेगा यही सोच कर हम दान देते हें ।
लेकिन जब एक बच्चा भूखा हो , वह सर्दी से कांप रहा हो। उसे हमारी उस वक्त ज्यादा जरुरत होती हें ।
लेकिन हम इंसान ase हे , की यह सब देखकर भी अनदेखा कर देते हें ।
क्यों की सादे दिन दान पुण्य का कोई महत्व हमें नजर नही आता हें।
इसलिए मै कहना चाहूंगी की उस वक्त जब उन्हें हमारी बेहद जरूरत होती हें हमें उस वक्त बिना फल की isccha से दान देना चाहिए ।
एक दिन नही बल्कि, हर दिन उन गरीब , अनाथ बच्चो के नाम
यही सोच मेरी , आपकी , हम सबकी हो ,...................... बस फ़िर क्या सब तरफ खुशियों की
लहरे होगी ..............और खुशाली मेरे , आपके , हम सब के पास होगी।
जो मुस्कान आज मेरे, आपके , हम सब के चहरे पर हे ।
vahi उन चेहरों पर bhi मुस्कान होगी ..............एक मीठी सी .................