
हें इश्वर !
मुझे उन बातों को
स्वीकार करने की
shakti दे ! जिन्हें मै
बदल नहीं सकती ,
और उन चीजों को
जिन्हें मै बदल सकती हू
उन्हें बदलने का साहस दे
और दोनों मै मुझे अन्तर
जानने की बुद्धि दे !
धन्यवाद !
jindgi bahut gahri khai ke saman he. jisme ham ulajte hi jaate he. lakin umang honi chaheye kuch karne ki kuch banane ki.umang hame jindgi jina sikhata he.