Saturday 17 January 2009

विचार...........


अपने विचारो पर ध्यान दे ...........

वे आपके शब्द बन जाते हें,

अपने शब्दों पर ध्यान दे............

वे आपकी क्रियाये बन जाती हें ,

अपनी क्रियायों पर ध्यान दे .........

वे आपकी आदत बन जाती हें,

अपनी आदतों पर ध्यान दे ............

वे आपका चरित्र बन जाता हें ,

और आपका चरित्र आपका भाग्य बन जाता हें.........


2 comments:

  1. बहुत खूब कहा है आपने चरित्र भाग्य बन जाता है.

    ReplyDelete